नई दिल्ली, 19 अगस्त । दिल्ली के रेजिडेंट डॉक्टर आज आरजी कर मेडिकल कॉलेज के साथ एकजुटता दिखाते हुए निर्माण भवन के समक्ष विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा अधिनियम (सीपीए) को शीघ्र लागू किया जाए। प्रदर्शनकारी डॉक्टर नारे लगा रहे हैं, "हमें क्या चाहिए? न्याय चाहिए!"
यह विरोध प्रदर्शन कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला डॉक्टर के साथ हुई दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद शुरू हुआ, जिसने देशभर के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों में आक्रोश पैदा कर दिया है। इस घटना के खिलाफ देशभर के चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी एकजुट होकर आवाज उठा रहे हैं, और इसी क्रम में दिल्ली में भी डॉक्टर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के कार्यालय, निर्माण भवन, के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका प्रदर्शन लगातार जारी है।
आज एम्स दिल्ली के प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने घोषणा की कि वे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय कार्यालय के बाहर ओपीडी सेवाएं संचालित करेंगे। वे अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल के हिस्से के रूप में निर्माण भवन के बाहर वैकल्पिक ओपीडी सेवाएं प्रदान करेंगे और लोगों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को मुफ्त में सुनेंगे।