नई दिल्ली, 08 अगस्त महाराष्ट्र की बर्खास्त ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर ने दिल्ली हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की है। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की बेंच इस याचिका पर 9 अगस्त को सुनवाई करेगी।
पूजा खेडकर ने पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। पटियाला हाउस कोर्ट ने 1 अगस्त को पूजा खेडकर की अग्रिम जमानत याचिका को अस्वीकार कर दिया था। एडिशनल सेशंस जज देवेन्द्र कुमार जांगला ने यह आदेश जारी किया था। पटियाला हाउस कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान पूजा खेडकर की वकील बीना माधवन ने कहा कि शिकायत यूपीएससी द्वारा की गई है, जिसमें जालसाजी और धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पूजा की गिरफ्तारी का खतरा है और पूजा एक प्रोबेशनरी अधिकारी हैं, जिन्हें कुछ अधिकार प्राप्त हैं।
माधवन ने यूपीएससी की शिकायत पढ़ते हुए बताया कि खेडकर ने अपना नाम बदलकर परीक्षा में अधिक प्रयास किए। यूपीएससी का कहना है कि पूजा के खिलाफ कई शिकायतें मिली हैं, लेकिन पूजा ने कोई जानकारी छिपाई नहीं है। अधिक प्रयास की बात गलती से की गई थी। माधवन ने पूजा खेडकर का विकलांगता प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया, जिसे आठ डॉक्टरों ने प्रमाणित किया है। उन्होंने यह भी कहा कि पूजा के माता-पिता का तलाक हो चुका है, और वह एक दिव्यांग हैं, जिन्हें उनके समर्थन वाली व्यवस्था ने विकलांग बना दिया।
हाल ही में 2023 बैच की ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर पर सत्ता के दुरुपयोग और फर्जी सर्टिफिकेट के माध्यम से आरक्षण लाभ लेने के आरोप लगे थे। केंद्र सरकार ने इन आरोपों की जांच के लिए एक सदस्यीय पैनल का गठन किया था, जिसने 27 जुलाई को अपनी रिपोर्ट कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को सौंप दी। पूजा पर आरोप है कि उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में ओबीसी श्रेणी का झूठा प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया और घुमंतु जनजाति-3 श्रेणी के तहत भर्ती के लिए फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र का आवेदन किया।
पूजा खेडकर विवादों में घिर गई थीं, जब कलेक्टर सुहास दिवासे ने उन पर अवैध मांग करने की शिकायत दर्ज कराई। विवाद के बाद महाराष्ट्र सरकार ने उनकी ट्रेनिंग पर रोक लगाते हुए उन्हें मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) में रिपोर्ट करने का आदेश दिया, लेकिन उन्होंने निर्धारित समय पर वहां नहीं पहुंची। 18 जुलाई को पुलिस ने पूजा की मां को गिरफ्तार किया, जिनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वे किसानों को धमकाते दिख रही थीं। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
पूजा खेडकर को यूपीएससी द्वारा बर्खास्त कर दिया गया है, और इस बर्खास्तगी को उन्होंने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, यह बताते हुए कि उन्हें इसकी सूचना प्रेस रिलीज के माध्यम से मिली। इसके बाद यूपीएससी ने बर्खास्तगी के आदेश की प्रति ई-मेल और उनके पते पर भेजने को कहा था।